धार के जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित शिविर में नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा परामर्श मिला। जरूरत के अनुसार जांच की गई, जबकि पेंशनरों और रोगियों को औषधि किट भी वितरित की गई।
आयुष विभाग ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देशन में स्वास्थ्य शिविर के साथ आयुर्वेद प्रदर्शनी लगाई। आयोजन की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई थी।
खास बातें
- मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरत के अनुसार जांच हुई
- पेंशनरों और रोगियों को औषधि किट तथा नागरिकों को आयुष काढ़ा दिया गया
- प्रदर्शनी में औषधीय पौधों, आहार-विहार और आयुष पद्धतियों की जानकारी मिली
प्रदर्शनी में आहार-विहार और औषधीय पौधों की जानकारी
प्रदर्शनी में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, औषधीय पौधों, संतुलित आहार-विहार और स्वस्थ दिनचर्या से जुड़ी जानकारी दी गई। नागरिकों को विभिन्न आयुष पद्धतियों और रोगों की रोकथाम में उपयोगी आदतों से भी परिचित कराया गया।
शिविर में आए लोगों को आयुष काढ़ा वितरित किया गया। डॉ. अतुल तोमर, डॉ. घनश्याम मीणा और डॉ. मानसी ठक्कर ने आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और योग पद्धति से संबंधित जानकारी साझा की।
दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतें अपनाने पर जोर
विधायक नीना विक्रम वर्मा ने कहा कि आयुर्वेद उपचार के साथ रोगों की रोकथाम और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रखने में भी उपयोगी है। उन्होंने उपस्थित लोगों को आयुर्वेद की प्रतिज्ञा दिलाई और दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतें अपनाने का आग्रह किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार मेडा ने बदलती जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता पर जोर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष नेहा महेश बोडाने और अन्य वक्ताओं ने भी आयुर्वेद की परंपरा तथा उसके स्वास्थ्य संबंधी उपयोग बताए।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला चौहान ने विभाग की योजनाओं और जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से आयुष विभाग की उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।



