असम के सोनापुर स्थित बागीबाड़ी में स्थापित एक्वा टेक पार्क आधुनिक और तकनीक आधारित मत्स्य पालन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। यह पार्क किसानों, युवाओं और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को नई तकनीकों से परिचित कराने तथा मत्स्य उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

क्लोंग-कोपिली द्वारा NABARD, ICAR-CIFA, मत्स्य विभाग और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर विकसित किए गए इस पार्क में एक्वापोनिक्स, बायोफ्लॉक, आधुनिक मत्स्य उत्पादन और सजावटी मछली पालन जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

मीडिया प्रतिनिधियों को पार्क की गतिविधियों और तकनीकों की जानकारी देते हुए क्लोंग-कोपिली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री ज्योतिष तालुकदार ने बताया कि एक्वा टेक पार्क का उद्देश्य आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को किसानों और युवाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से सीमित संसाधनों में भी मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है और इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि पार्क में किसानों और मत्स्य पालकों को विभिन्न आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे इन तकनीकों को अपने स्तर पर अपनाकर उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकें।

एक्वा टेक पार्क में बायोफ्लॉक तकनीक के माध्यम से कम पानी में अधिक मात्रा में मछली पालन की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया है, जबकि एक्वापोनिक्स में मछली पालन और पौधों की खेती को एकीकृत किया जाता है। इसके अलावा सजावटी मछली iपालन और आधुनिक मत्स्य उत्पादन से जुड़ी तकनीकों पर भी विशेष जोर दिया गया है।

पार्क का एक महत्वपूर्ण पहलू युवाओं को मत्स्य क्षेत्र में उद्यमिता के लिए तैयार करना भी है। आधुनिक तकनीकों, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से यह पहल असम में मत्स्य आधारित आजीविका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

असम में प्रचुर जल संसाधन होने के बावजूद राज्य को लंबे समय तक अपनी मछली की मांग पूरी करने के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ा है। ऐसे में एक्वा टेक पार्क जैसी पहल स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने और मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।