जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े के कुशल निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के सतत मार्गदर्शन में जिले में संचालित सेवा से संकल्प अभियान के तहत आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में तृतीय दिवस की गतिविधियों में महिला एवं बाल कल्याण को बढ़ावा देने तथा सरकारी योजनाओं के जमीनी प्रभाव को रेखांकित करने के उद्देश्य से आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ’मेरी कहानी, मेरी सफलता लाभार्थी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुई महिलाओं की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाना और अन्य महिलाओं को जागरूक करना था।
जिले के समस्त आंगनबाडी केन्दों पर कार्यक्रम की शुरुआत में लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों और उनके जीवन में आए बदलावों पर आधारित विशेष वीडियो क्लिप प्रदर्शित की गईं। इन वीडियो के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक व जमीनी प्रभाव को बेहद प्रभावी ढंग से दिखाया गया। उपस्थित महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई।
यह जानकारी बेहद सरल और आम बोलचाल की स्थानीय भाषा में दी गई, ताकि हर महिला इसे आसानी से समझ सके और भविष्य में योजनाओं का पूरा लाभ उठा सके। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी माताओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। माताओं ने बताया कि किस प्रकार इन योजनाओं ने उनके बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य स्तर को सुधारने में मदद की।
संवाद के दौरान महिलाओं ने खुलकर बात की और साझा किया कि योजनाओं से जुड़ने के बाद उनके और उनके परिवार के जीवन स्तर में क्या-क्या सकारात्मक बदलाव आए हैं। इसने उपस्थित अन्य ग्रामीण व स्थानीय महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जगाया। कार्यक्रम के समापन सत्र को बच्चों के लिए आनंदमय बनाया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री हरनोद शर्मा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाना तथा कुपोषण व एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
इस लाभार्थी संवाद कार्यक्रम ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के सही क्रियान्वयन से महिला सशक्तिकरण और बाल पोषण के क्षेत्र में बड़े और स्थाई बदलाव लाए जा सकते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व बच्चे उपस्थित रहे।



