अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रम कल्याणपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग एवं चिकित्सा विभाग शहडोल द्वारा विधिक सहायता एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शहडोल श्री काशीनाथ सिंह के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती श्वेता परस्ते तिवारी के निर्देशन में किया गया।
शिविर में वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें चश्मे एवं श्रवण यंत्र (ऑडियो मशीन) वितरित किए गए। इस दौरान वृद्धजनों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई।
शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती श्वेता परस्ते तिवारी ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वृद्धजनों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने वृद्धजनों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता का लाभ लेने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि न्याय सबके लिए है तथा न्याय पाने का सभी को समान अधिकार है। गरीबी अथवा अन्य किसी कारण से कोई व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रह सकता। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रमुख उद्देश्य
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना, कानूनी साक्षरता फैलाना, लोक अदालतों का आयोजन करना, विवादों के निपटारे के लिए वैकल्पिक समाधानों को प्रोत्साहित करना तथा अपराध पीड़ित प्रतिकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है।
निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए पात्र व्यक्ति
निःशुल्क कानूनी सेवाओं के लिए महिला एवं बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य, औद्योगिक कामगार, बड़े पैमाने पर प्राकृतिक अथवा औद्योगिक आपदा, जातीय हिंसा, बाढ़, सूखा एवं भूकंप से पीड़ित व्यक्ति, दिव्यांग व्यक्ति, हिरासत में व्यक्ति, मानव तस्करी अथवा बेगार से पीड़ित व्यक्ति तथा निर्धारित आय सीमा से कम वार्षिक आय वाले व्यक्ति पात्र हैं।
निःशुल्क कानूनी सेवा सभी दीवानी, फौजदारी, राजस्व एवं प्रशासनिक मुकदमों के लिए उपलब्ध है।
निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य स्तर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उपमंडल/तहसील स्तर पर उपमंडल/तालुका विधिक सेवा समिति, उच्च न्यायालय स्तर पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति तथा उच्चतम न्यायालय स्तर पर सर्वाेच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति कार्यरत हैं। निःशुल्क कानूनी सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिक अपने निकटतम विधिक सेवा संस्था, फ्रंट ऑफिस, लीगल सर्विसेस क्लीनिक अथवा वेबपोर्टल ूूूण्दंसेंण्हवअण्पद पर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
संयुक्त आयुक्त विकास श्री एम.पी. सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार वृद्धजनों के आवास, सेवा, भोजन, स्वास्थ्य तथा उनकी समुचित देखरेख के लिए संकल्पित है। वृद्धजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके सम्मान और गरिमा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। चिकित्सक डॉ. मुकुन्द चतुर्वेदी ने वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें दैनिक रूप से योग एवं वाकिंग करने की सलाह दी। श्री केपी महेन्द्रा ने कहा कि सभी वृद्धजन आपसी समन्वय एवं सहयोग के साथ रहें, खाली समय में अपने परिसर को सजाने सवारने तथा पूजन-अर्चन आदि कार्य कर सकते हैं। जिससे जिससे व्यस्तता बनी रहेगी तथा मन प्रसन्न रहेगा।
शिविर में नेत्र चिकित्सक सहायक श्री आर.के. पटेल, ऑडियोमिट्री श्री लवकेश गुप्ता, फार्मासिस्ट श्री सूर्यप्रताप सिंह तथा डॉ. मुकुंद चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य सेवाओं में सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री अशोक सराफ भी उपस्थित रहे। शिविर का संचालन श्री के.पी. महेंद्रा ने किया। कार्यक्रम में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं वृद्धाश्रम के वृद्धजन उपस्थित रहे।




