श्योपुर जिले के विद्यार्थियों ने आयुर्वेद को निबंध, चित्रों, भाषण और क्विज के जरिए समझा। 11वें आयुर्वेद दिवस से पहले विभिन्न आयुष संस्थानों ने स्कूलों में ये जागरूकता और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित कीं।

औषधीय पौधों से स्वास्थ्य परीक्षण तक

आयुष्मान आरोग्य मंदिर बगवाज ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के साथ विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पांडोला स्थित संस्था ने सरस्वती ज्ञान विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता कराई और बच्चों को औषधीय पौधों के महत्व व उपयोग बताए।

खास बातें

  • बगवाज के प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ
  • कराहल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन-तीन छात्राओं को पुरस्कार मिले
  • मानपुर में आयुर्वेद के सिद्धांतों और करियर विकल्पों की जानकारी दी गई

इकलौद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चित्रकला, भाषण और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं हुईं। सूंसवाड़ा में माध्यमिक और हाई स्कूल के विद्यार्थियों को औषधीय पौधों तथा उनके उपयोग की जानकारी दी गई, जबकि गढ़ी के हाई स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई।

रचनात्मक प्रदर्शन पर विद्यार्थियों को पुरस्कार

कराहल में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन-तीन छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए। प्रेमसर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता आयोजित हुई।

जैनी के शासकीय हाई स्कूल परिसर में विद्यार्थियों ने निबंध लेखन, चित्रकला और भाषण में भाग लिया। विषय आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली और सेवा संकल्प से जुड़े थे तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

आयुर्वेद में करियर की संभावनाएं भी बताईं

मानपुर में विद्यार्थियों को आयुर्वेद की उत्पत्ति, मौलिक सिद्धांत और भारत सहित विश्व में प्रचलित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बारे में बताया गया। उन्हें आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता और इस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से भी परिचित कराया गया; यहां क्विज, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी हुईं।