मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण और सनातन परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से जिले में अधिक से अधिक लोगों को मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचे।
अभियान की तैयारियों और जिले में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर बुधवार को कलेक्टर विकास मिश्रा के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के शासी निकाय सदस्य कृष्णकांत द्विवेदी तथा जिला समन्वयक मुकेश गौर उपस्थित रहे। बैठक में अभियान की गतिविधियों, जनजागरूकता और प्रचार-प्रसार की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान को जनअभियान का स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने वाला पर्व है। ऐसे में यदि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी घर-घर तक पहुंचे, तो यह अभियान व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है। उन्होंने जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अभियान का प्रभावी प्रचार-प्रसार करने तथा विभिन्न माध्यमों से लोगों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।
माटी के गणेश, प्रकृति के संरक्षण का संदेश
शासी निकाय सदस्य कृष्णकांत द्विवेदी ने कहा कि ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ केवल प्रतिमा परिवर्तन का अभियान नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं को प्रकृति के साथ जोड़ने का संकल्प है। हमारी संस्कृति में मिट्टी और जल का विशेष महत्व रहा है। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना करके हम अपनी धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा सकते हैं।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि इस गणेश उत्सव में अपने घर, संस्थान और सार्वजनिक स्थलों पर मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करें और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दें।
जिला समन्वयक मुकेश गौर ने बताया कि जन अभियान परिषद के कार्यकर्ताओं, प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान को जिले के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। लोगों को पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करने के साथ मिट्टी की प्रतिमाओं के महत्व की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान का संदेश “घर-घर गणेश, हर घर गणेश, विराजे माटी गणेश” है। साथ ही “माटी गणेश अपनाएं, प्रकृति का मान बढ़ाएं” के संदेश के साथ जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अपनी मिट्टी से अपनी आस्था को जोड़ने की पहल
अभियान के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जा रहा है कि गणेश चतुर्थी पर पवित्र नदियों के जल एवं अपने खेत-घर-आंगन की पवित्र मिट्टी से निर्मित माटी गणेश–सिद्ध गणेश की स्थापना करें। इससे गणेश उत्सव में स्थानीय प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जुड़ाव का भाव मजबूत होगा। जन अभियान परिषद ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि इस गणेश उत्सव में मिट्टी के गणेश अपनाएं, पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित प्रकृति का संदेश दें।


