विदिशा के राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए आत्मनिर्भरता, स्वच्छता और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। ‘विकसित भारत’ विषय पर हुई प्रस्तुतियों में युवाओं की भागीदारी को प्रमुखता से दिखाया गया।

दो कॉलेजों की छात्राओं ने दी प्रस्तुतियां

कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने ‘नमो सेवा (अनकही कहानियां)’ विषय पर आयोजित किया। मेजबान महाविद्यालय की छात्राओं के साथ शासकीय मॉडल कॉलेज, विदिशा की छात्राओं ने भी इसी विषय पर अलग नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

खास बातें

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत NSS इकाई ने किया आयोजन
  • दो शासकीय कॉलेजों की छात्राओं ने दी अलग-अलग प्रस्तुतियां
  • विद्यार्थियों और स्टाफ ने संकल्प आगे बढ़ाने की शपथ ली

दोनों टीमों ने अभिनय और संवादों के माध्यम से देश के विकास, नवाचार और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषय सामने रखे। प्रस्तुतियों का उद्देश्य विद्यार्थियों और दर्शकों को इन मुद्दों के प्रति जागरूक करना था।

रचनात्मक भागीदारी को मिला प्रोत्साहन

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. अहिरवार ने छात्राओं की प्रतिभा और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

नाटकों के मंचन में प्रो. नीतू दांगी, डॉ. शांता अहिरवार, डॉ. शिखा दुबे, डॉ. एकता गुप्ता और डॉ. स्वराज पाल ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम में महाविद्यालय का स्टाफ, NSS स्वयंसेविकाएं और विद्यार्थी उपस्थित रहे तथा उन्होंने ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की शपथ ली।