कभी बढ़ता बिजली बिल घरेलू बजट पर असर डालता था, लेकिन अब श्री चंद्रशेखर श्रीवास्तव के घर की बिजली जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा सूर्य की किरणों से पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर उन्होंने बिजली के खर्च में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाया है।

श्री श्रीवास्तव बताते हैं कि पहले बिजली का अधिक बिल उनके परिवार के घरेलू बजट को प्रभावित करता था। ऐसे में उन्होंने सौर ऊर्जा अपनाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराया। इसके लिए उन्हें 3 किलोवाट तक के भार पर 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जबकि शेष राशि का वहन उन्होंने स्वयं किया।

घर की छत से हो रहा बिजली का उत्पादन

सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित होने के बाद अब घर में सूर्य की रोशनी से बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी करने में मदद मिल रही है और बिजली के बिल में भी कमी आई है। आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर अतिरिक्त बिजली विद्युत व्यवस्था में भेजी जा रही है। श्री श्रीवास्तव के अनुसार, सौर ऊर्जा अपनाने से उन्हें आर्थिक राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का अवसर मिला है। वे कहते हैं कि अब उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली का उत्पादक भी बन गया है।

योजना का लाभ मिलने पर श्री चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने उन्हें सौर ऊर्जा अपनाने का अवसर दिया है। इससे बिजली के खर्च में राहत के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग मिला है।