उज्जैन के अब्दालपुरा में रविवार सुबह सड़क चौड़ीकरण की शुरुआत एक अलग ही तस्वीर के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे अपनी पुरानी बस्ती पहुंचे, विधिवत पूजा-अर्चना की और फिर अपने ही पैतृक मकान पर गेती चलाकर उसे तोड़ने की शुरुआत की। सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में चल रहे चौड़ीकरण अभियान में यह मकान नं. 180 पहला नाम बन गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मूल रूप से अब्दालपुरा के ही निवासी हैं और यही उनका जन्म स्थान है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्होंने सिंहस्थ के विकास एवं निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए यह पैतृक निवास जनहित के लिए समर्पित कर दिया है।
खास बातें
- खजूर वाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने तक की सड़क 32 फीट चौड़ी होगी।
- इस मार्ग पर पड़ने वाले 272 मकानों के रहवासी स्वेच्छा से जगह दे रहे हैं।
- मुख्यमंत्री का पैतृक मकान नं. 180 और उनकी बहन का मकान भी चौड़ीकरण की जद में है।
मस्जिद से थाने तक 32 फीट चौड़ी होगी सड़क
जिस मार्ग का चौड़ीकरण हो रहा है, वह अब्दालपुरा की खजूर वाली मस्जिद से शुरू होकर जीवाजीगंज थाने तक जाता है। इसे 32 फीट चौड़ा किया जाना है। अभी यह गली इतनी संकरी है कि वाहनों का निकलना मुश्किल रहता है।
इस पूरे हिस्से में 272 मकान आते हैं, जिनमें हिंदू, मुस्लिम और बोहरा समुदाय के परिवार रहते हैं। रहवासी खुद आगे आकर अपने मकानों का अगला हिस्सा पीछे हटा रहे हैं। यह काम अभी शुरुआती चरण में है और मार्ग के दोनों ओर एक साथ चल रहा है।
मोहल्ले की मिसाल: 'सबके मकान एक लाइन से टूट रहे हैं'
मोहल्ले के कादर भाई का कहना है कि चौड़ीकरण से उनकी सालों पुरानी इच्छा पूरी हो रही है और अब आवागमन आसान होगा। उनके मुताबिक इस इलाके में मकानों की चौड़ाई भले कम-ज्यादा हो, दिलों की गहराई काफी है और किसी को जगह देने में कोई आपत्ति नहीं है।
मुख्यमंत्री के पड़ोसी पवन पांचाल इसे क्षेत्र के लिए वरदान बताते हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ी होने के बाद यहां मकानों और दुकानों की कीमत बढ़ेगी और कारोबार भी। इसी लाइन में दूध की दुकान चलाने वाले नरेन्द्र जैन कहते हैं कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का मकान भी टूटने से संदेश साफ है कि महाकाल की नगरी में आम और खास सब बराबर हैं — सबके मकान एक लाइन से और समान लंबाई में टूट रहे हैं।
सड़क के दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की बहन और नगर निगम उज्जैन की सभापति श्रीमती कलावती यादव का मकान है, जो चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। पूर्व पार्षद जगदीश पांचाल का कहना है कि इससे शहर की तस्वीर बदलेगी और सिंहस्थ में आने वाले लोगों के लिए आवागमन तथा ठहरने की सुविधाएं बेहतर होंगी।
आबादी 8 लाख, सिंहस्थ में 40 करोड़ से ज्यादा लोगों की संभावना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की आबादी करीब 8 लाख है, जबकि सिंहस्थ में यहां 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों ने बिना भेदभाव के सहयोग दिया और कई लोगों ने आयोजन के लिए अपने पूजा स्थल तक पीछे कर लिए, जो अभिनंदनीय है।
मुख्यमंत्री ने इसी दिन दशहरा मैदान में एक निजी न्यूज़ चैनल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने नागरिकों से नियमित योग और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।
अब्दालपुरा मार्ग पर मकानों को पीछे हटाने का काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। इस मार्ग के आसपास रहने वाले लोग निर्माण अवधि में वैकल्पिक रास्तों और मलबा हटाने की व्यवस्था को लेकर नगर निगम उज्जैन से जानकारी ले सकते हैं।




